
धनबाद
लोयाबाद करकेन्द–कतरास मुख्य मार्ग पर स्थित सेन्द्रा रेलवे पुल के नीचे एक बार फिर बड़े-बड़े गड्ढों ने गंभीर रूप ले लिया है।करीब 30 मीटर के दायरे में लगभग 30 गड्ढे बन गए हैं।बारिश थमे काफी समय हो चुका है,फिर भी इन गड्ढों में पानी भरा रहता है।स्थानीय लोगों के अनुसार यह पानी बारिश का नहीं, बल्कि आसपास के घरों की नालियों से निकलकर सीधे सड़क पर बहता है,जिससे सड़क लगातार कमजोर होकर टूट जाती है।लोगों का कहना है कि विभाग की ओर से कई बार मरम्मत की गई,लेकिन मरम्मत का काम मुकम्मल नहीं होता। हल्की-फुल्की मरम्मत के कारण सड़क कुछ ही दिनों में फिर पहले की तरह उखड़ जाती है।नाली का पानी सड़क को लगातार नुकसान पहुंचाता रहता है,जिससे हर बार नया गड्ढों का जाल बन जाता है।
यह मुख्य मार्ग काफी व्यस्त है। प्रतिदिन सैकड़ों कोयला लदी रिपोर्टर एचडी वसीम हाइवा,रांची–बोकारो रूट की बसें, ऑटो,टोटो और बाइक इसी सड़क से गुजरती हैं।गड्ढों की वजह से राहगीरों और वाहन चालकों को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बाइक सवार गड्ढों में फंसकर फिसल चुके हैं और चोटिल भी हुए हैं।स्थानीय लोगों ने विभाग से स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि मरम्मत से काम नहीं चलेगा।लोगों का सुझाव है कि पुल के नीचे दोनों साइड करीब 20 मीटर तक सरिया डालकर पक्की ढलाई की जाए,ताकि सड़क बार-बार टूटने की समस्या पूरी तरह दूर हो सके और इस व्यस्त मार्ग पर दुर्घटनाओं का खतरा कम हो।ग्रामीणों ने विभाग से जल्द से जल्द इस समस्या का संज्ञान लेकर ठोस कदम उठाने की अपील की है।









